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पटरी पर दोनों तरफ बिखरीं लाशें ...

पंजाब के अमृतसर में बड़ा रेल हादसा हुआ है।पठानकोट से अमृतसर की तरफ आ रही ट्रेन ने रावण दहन देख रहे कई लोगों को कुचल दिया. इसमें 50 से ज्यादा लोगों के मरने की आशंका जताई जा रही है।

बताया जा रहा है कि यह हादसा चौड़ा बाजार के समीप हुआ है. उस समय लोग पटरी के पास रावण दहन देख रहे थे और ऐसे में तेजी आती हुई ट्रेन की आवाज सुनाई नहीं दी औऱ ट्रेन लोगों को रौंदते हुए निकल गई. ऐसा होता देख वहां पर भगदड़ मच गई. इसमें काफी लोगों के मारे जाने की आशंका है। यह हादसा अमृतसर के जोड़ा फाटक के पास हुआ है. घटना स्थल से हृदयविदारक तस्वीरें आ रही हैं, जिसे देखा नहीं जा सकता है।ट्रैक के आसपास खून से लथपथ लाशें बिखरी पड़ी हुई हैं. घटनास्थल पर मौजूद चश्मदीद बता रहे हैं कि ट्रेन की स्पीड बहुत ज्यादा थी, जबकि भीड़भाड़ वाले इलाके को देखते हुए इसकी रफ्तार कम होनी चाहिए. इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों में काफी नाराजगी है।

-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ट्वीट कर घटना पर दुख जताया है. प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट कर कहा, अमृतसर में हुई रेल दुर्घटना को लेकर बहुत दुखी हूं. यह घटना हृदयविदारक है. मृतकों के परिवारों के प्रति मेरी पूरी सहानुभूति है, और प्रार्थना कर रहा हूं कि जो लोग इसमें घायल हुए हैं , वे जल्द से जल्द स्वस्थ हो जाएं. मैंने अधिकारियों को सभी आवश्यक सहायता मुहैया कराने को कहा है।

-केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने इस ट्रेन हादसे पर दुख जताया है. उन्होंने ट्वीट कर कहा कि पंजाब में दशहरा त्योहार के दौरान हुए ट्रेन हादसे में लोगों की बहुमूल्य जानें चली गई हैं. मृतकों के परिजनों के साथ पूरी सहानुभूति प्रकट करता हूं औऱ घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं.

-पंजाब के मुख्यमंत्री ने राज्य के गृह सचिव, स्वास्थ्य सचिव और एडीजीपी कानून व्यवस्था को फौरन अमृतसर पहुंचने को कहा है. राजस्व मंत्री सुखबिंदर सिंह सरकारिया को तुरंत घटनास्थल पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य चलाने का आदेश दिया गया है।

एक चश्मदीद ने बताया कि प्रशासन और दशहरा कमेटी की गलती से यह घटना हुई है. उन्हें यह सुनिश्चित करना चाहिए था कि कार्यक्रम के दौरान यहां पर ट्रेन की स्पीड धीमी रखी जाए लेकिन ऐसा नहीं किया जा सका। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने घटना को लेकर दुख जताया है। उन्होंने कहा कि सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को घायलों के इलाज के लिए खुला रखने को कहा गया है। जिला प्रशासन को उचित कदम उठाने को कहा गया है. मुख्यमंत्री मौके का जायजा लेने के लिए अमृतसर जा रहे हैं. उन्होंने मृतकों को परिजनों को 5 लाख रुपये का मुआवा देने की घोषणा की है। साथ ही घायलों के मुफ्त इलाज का ऐलान भी किया है.बहरहाल, घटनास्थल के पास काफी लोग एकत्रित हो गए हैं और स्वजनों की तलाश कर रहे हैं। मौके पर चारों तरफ लोगों के रोने-बिलखने की तस्वीरें देखी जा सकती हैं। यह सब कुछ इतना विचलित करने वाला है कि इसकी तस्वीरें दिखाई नहीं जा सकती है. मौके पर बचाव दल पहुंच गया है. बड़े पैमाने पर पुलिस बल को भी तैनात किया गया है. घायलों को अस्पताल पहुंचाया जा रहा है.एक चश्मदीद का कहना है कि ट्रैक के पास का नजारा 1947 में देश के विभाजन के समय हुए दंगों जैसा हो गया है। जहां लाशें क्षत-विक्षत स्थिति में पड़ी हुईं हैं।समाचार एजेंसी पीटीआई-भाषा के अनुसार एक रेल अधिकारी का कहना है कि अमृतसर के निकट रावण दहन देखने के लिए रेल पटरी पर खड़े बहुत से लोगों के ऊपर से ट्रेन गुजरी है।

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