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जनता बहुजन समाज पार्टी को बड़े विकल्प के तौर पर देख रही है ...

राजस्थान
बहुजन समाज पार्टी को भी इस बार के विधानसभा चुनाव में अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है लेकिन पार्टी के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों में अभी तक कोई खास जोश नजर नहीं आ रहा है। बीजेपी और कांग्रेस के दफ्तर में जहां दिनभर टिकटार्थियों और समर्थकों की रेलमपेल है वहीं बसपा के दफ्तर में वीरानी सी छाई है हालांकि जल्द ही पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती कार्यकर्ताओं में जोश फूंकने राजस्थान आएंगी।

दरअसल, प्रदेश में बीजेपी और कांग्रेस के बाद सबसे बड़ा सियासी दल होने का दावा करने वाली बहुजन समाज पार्टी भी इस बार के विधानसभा चुनाव को लेकर काफी आशावादी नजर आ रही है। पार्टी के पदाधिकारियों का कहना है कि प्रदेश की जनता बीजेपी और कांग्रेस द्वारा किये जाने वाले छलावे से परेशान है और इस बार जनता बहुजन समाज पार्टी को बड़े विकल्प के तौर पर देख रही है। पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का ठंडा उत्साह देखते हुये यह बात हजम होती हुई सी नजर नहीं आ रही । बीजेपी और कांग्रेस के दफ्तर में जहां चुनावी चौसर बिछते ही टिकटार्थियों और कार्यकर्ताओं की रेलमपेल शुरू हो गई थी। वहीं, बसपा के कार्यालय में अभी तक भी वीरानी का सा ही माहौल नजर आ रहा है। पार्टी कार्यालय की वीरानी बताती है कि पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का जोश इस बार कुछ ठंडा है। ये ठंडा जोश सवाल भी उठा रहा है कि क्या प्रदेश में बसपा का जादू खत्म हो चुका है? हालांकि कार्यकर्ताओं में जोश भरने जल्द ही पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती राजस्थान आएंगी। पच्चीस और छब्बीस नवम्बर के साथ ही एक और दो दिसम्बर को मायावती का राजस्थान दौरा रहेगा और वे यहां करीब आठ जनसभाओं को सम्बोधित करेंगी।

इस बार हालात बहुत अलग हैं और इसका असर प्रदेश में भी पार्टी के प्रदर्शन पर नजर आ सकता है। पार्टी पदाधिकारियों का दावा है कि प्रदेश में बसपा की भागीदारी के बिना सरकार नहीं बनेगी। पार्टी पहले ही यह स्पष्ट कर चुकी है कि वह प्रदेश में सभी 200 सीटों पर चुनाव लड़ेगी और अकेले दम पर लड़ेगी।

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