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40 साल में पहली बार बिगड़े दिल्ली के हालात ...

 भीड़ हिंसा फिर मंदिर में पथराव की अफवाह, 40 साल में पहली बार बिगड़े हालात

स्कूटी पार्क करने पर हुए विवाद के बाद भीड़ हिंसा की अफवाह से भड़के लोग
स्कूटी पार्किंग को लेकर हुए विवाद के बाद सोशल मीडिया पर फैली अफवाह से रविवार रात हौजकाजी इलाके में दो समुदायों के बीच जमकर बवाल हुआ। सैकड़ों लोगों की भीड़ ने हौजकाजी थाने का घेराव कर लिया। इस दौरान भीड़ में शामिल कुछ शरारती तत्वों ने पास ही स्थित एक धार्मिक स्थल पर पथराव कर दिया। इसके बाद दोनों समुदायों के लोग आमने-सामने आ गए

कुछ लोगों ने आधा दर्जन वाहनों में तोड़फोड़ कर दी। सोमवार को भी दोनों और नारेबाजी होती रही। कवरेज करने गए दो फोटोग्राफर के साथ मारपीट की गई और कैमरा तोड़ दिया। इलाके में तनाव को देखते हुए एहतियात के तौर पर अतिरिक्त सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है। 
पुलिस के मुताबिक वारदात पुरानी दिल्ली के लालकुंआ स्थित हमदर्द दवाखाने के पास गली चाबुक वाली में हुई। कारोबारी युवक आस मोहम्मद रात करीब 10 बजे अपनी स्कूटी संजीव गुप्ता की दुकान के सामने पार्क करने लगा। इसका विरोध करने पर दोनों के बीच कहासुनी हो गई और फिर दोनों ओर से तीन-चार युवक वहां पहुंच गए और उनमें मारपीट भी हो गई ।
सूचना पर पहुंची पुलिस संजीव व आस मोहम्मद को मेडिकल कराने के लिए थाने ले आई। इसी दौरान किसी ने किसी ने अफवाह फैला दी कि

किस तरह एक छोटी सी अफवाह सोशल मीडिया के जरिए विकराल रूप लेकर समाज में तनाव, दंगे और डर का माहौल बना सकती है, यह दिल्ली के हौजकाजी में हुई घटना से आसानी से समझा जा सकता है। दिल्ली के हौजकाजी इलाके में स्कूटी पार्किंग के विवाद के बाद हुए बवाल में सोशल मीडिया पर फैले संदेशों और वीडियो ने आग में घी का काम किया। आगे पढ़ें क्या है पूरा मामला....
पहले वीडियो में दिखाया गया कि एक युवक को कुछ लोग शराब के नशे में पीट रहे हैं। इसे मॉब लिंचिंग का नाम देकर देखते ही देखते व्हाट्सऐप ग्रुप पर भेज दिया गया। फेसबुक पर भी लोगों ने मैसेज करने शुरू कर दिए। देर रात कुछ लोगों ने एक मंदिर पर पथराव और मूर्तियों को खंडित करने के वीडियो भी सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिए। इसने भी समुदाय विशेष के लोगों को भड़का दिया।
बवाल के बाद कुछ लोग इस कदर भयभीत हो गए कि देर रात उन्होंने पुलिस नियंत्रण कक्ष को कॉल कर मदद की गुहार लगाई। पुलिस अधिकारियों की मानें तो रात ही रात में दिल्ली पुलिस के कंट्रोल रूम को 87 पीसीआर कॉल हौजकाजी इलाके से मिली। सभी में झगड़ा और बलवा होने की बात की गई थी। पीसीआर कॉल का सिलसिला सोमवार को भी चलता रहा, जो 177 तक पहुंच गया। अफवाहों भरे वीडियो और मैसेज सोशल मीडिया पर घूमते रहे। 
सोमवार को पुलिस ने इलाके में मार्च कर लोगों को शांति बनाए रखने के लिए भी कहा, लेकिन बैरीकेड के दूसरी ओर लोग लगातार नारेबाजी और हंगामा करते रहे। खुद जिला पुलिस उपायुक्त मंदीप सिंह रंधावा ने ट्वीट कर लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही अफवाहों पर दिल्ली पुलिस की पैनी नजर है। पुलिस ने लोगों से इस तरह की अफवाहों से बचने की अपील की है।
40 साल में पहली बार बिगड़े हालात
75 वर्षीय एक बुजुर्ग ने घटना पर अफसोस जताते हुए कहा कि पिछले 40 सालों में पहली बार इलाके के हालात इतने तनावपूर्ण हुए हैं। दोनों समुदाय के लोग इलाके में प्रेमभाव के साथ रहते हैं। कभी कभार कुछ छोटा-मोटा झगड़ा हो भी जाता तो दोनों समुदायों के बुजुर्ग आपस में बैठकर सुलझा लेते थे। बुजुर्ग ने बताया कि 1992 में हुए सांप्रदायिक दंगों के दौरान भी पुरानी दिल्ली इन झगड़ों से महफूज रही। लेकिन रविवार की घटना ने दुखी कर दिया है। बुजुर्ग ने दोनों समुदाय के लोगों से भाईचारा कायम रखने की बात कही है।
रह-रहकर होती रही नारेबाजी...
हौजकाजी इलाके में पूरे दिन धार्मिक नारेबाजी और बवाल होता रहा। पुलिस ने एहतियात के तौर पर करीब एक किलोमीटर के दायरे में बैरीकेडिंग कर पुलिस बल की तैनाती कर दी। लोग इन बैरीकेड के पीछे लगातार नारेबाजी और हंगामा करते रहे। दोपहर के समय स्थिति का जायजा लेने के लिए संयुक्त आयुक्त के अलावा विशेष आयुक्त (लॉ एंड ऑर्डर) भी मौके पर पहुंचे। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने दोनों समुदाय के लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का निर्देश दिए गए कि वह हर हाल में इलाके में शांति बनाए रखें।

दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि माहौल खराब करने और बवाल करने के मामले में दोनों ओर से क्रॉस केस दर्ज किया जाएगा। फिलहाल दिल्ली पुलिस की प्राथमिकता वहां पर शांति कायम करना है। पुलिस सोशल मीडिया पर फैले वीडियो, सीसीटीवी फुटेज, फोटो व अन्य सोर्स से आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है। पुलिस ने दोनों समुदायों के बुजुर्ग लोगों को बुलाकर शाम 7 बजे बैठक की, जिसमें दोनों समुदाय के लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की गई है।

तनाव के बीच बंद रहे आसपास के बाजार
हौजकाजी इलाके में बवाल के बाद सोमवार को कुछ लोगों ने अपनी-अपनी दुकानें खोल दीं, लेकिन इलाके में रह-रहकर नारेबाजी और भगदड़ के बीच उन्हें दुकानें बंद करनी पड़ीं। चावड़ी बाजार, अजमेरी गेट, हौजकाजी, लालकुंआ, नई सड़क, बल्लीमारान व आसपास के बाजारों में दुकानें बंद रहीं। ज्यादातर लोग अपने घरों में मौजूद रहे। हालांकि शरारती तत्व घटनास्थल पर पहुंचकर नारेबाजी और हंगामा करते रहे। 

स्कूटी पार्क करने पर हुए विवाद के बाद भीड़ हिंसा की अफवाह से भड़के लोग
स्कूटी पार्किंग को लेकर हुए विवाद के बाद सोशल मीडिया पर फैली अफवाह से रविवार रात हौजकाजी इलाके में दो समुदायों के बीच जमकर बवाल हुआ। सैकड़ों लोगों की भीड़ ने हौजकाजी थाने का घेराव कर लिया। इस दौरान भीड़ में शामिल कुछ शरारती तत्वों ने पास ही स्थित एक धार्मिक स्थल पर पथराव कर दिया। इसके बाद दोनों समुदायों के लोग आमने-सामने आ गए

कुछ लोगों ने आधा दर्जन वाहनों में तोड़फोड़ कर दी। सोमवार को भी दोनों और नारेबाजी होती रही। कवरेज करने गए दो फोटोग्राफर के साथ मारपीट की गई और कैमरा तोड़ दिया। इलाके में तनाव को देखते हुए एहतियात के तौर पर अतिरिक्त सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है। 
पुलिस के मुताबिक वारदात पुरानी दिल्ली के लालकुंआ स्थित हमदर्द दवाखाने के पास गली चाबुक वाली में हुई। कारोबारी युवक आस मोहम्मद रात करीब 10 बजे अपनी स्कूटी संजीव गुप्ता की दुकान के सामने पार्क करने लगा। इसका विरोध करने पर दोनों के बीच कहासुनी हो गई और फिर दोनों ओर से तीन-चार युवक वहां पहुंच गए और उनमें मारपीट भी हो गई ।
सूचना पर पहुंची पुलिस संजीव व आस मोहम्मद को मेडिकल कराने के लिए थाने ले आई। इसी दौरान किसी ने किसी ने अफवाह फैला दी कि एक समुदाय के युवक को भीड़ ने पीटा है। इसके बाद उस समुदाय के लोगों की भारी भीड़ थाने पहुंच गई। करीब 12.30 बजे भीड़ में शामिल कुछ शरारती तत्वों ने पास ही स्थित धार्मिक स्थल पर पथराव कर दिया और उसमें तोड़फोड़ भी की।
इसकी सूचना मिलते ही दूसरे समुदाय के लोग भी वहां आ गए और दोनों तरफ से पथराव होने लगा। इसके बाद पुलिस ने मामला शांत कर सभी लौटा दिया। सोमवार सुबह कुछ लोगों ने एक अन्य धार्मिक स्थल के बाहर नारेबाजी शुरू कर दी। इसके बाद फिर से इलाके में तनाव के हालात बन गए।

दिल्लीः पहले भीड़ हिंसा फिर मंदिर में पथराव की अफवाह फैलाई, 40 साल में पहली बार बिगड़े हालात

किस तरह एक छोटी सी अफवाह सोशल मीडिया के जरिए विकराल रूप लेकर समाज में तनाव, दंगे और डर का माहौल बना सकती है, यह दिल्ली के हौजकाजी में हुई घटना से आसानी से समझा जा सकता है। दिल्ली के हौजकाजी इलाके में स्कूटी पार्किंग के विवाद के बाद हुए बवाल में सोशल मीडिया पर फैले संदेशों और वीडियो ने आग में घी का काम किया। आगे पढ़ें क्या है पूरा मामला....
पहले वीडियो में दिखाया गया कि एक युवक को कुछ लोग शराब के नशे में पीट रहे हैं। इसे मॉब लिंचिंग का नाम देकर देखते ही देखते व्हाट्सऐप ग्रुप पर भेज दिया गया। फेसबुक पर भी लोगों ने मैसेज करने शुरू कर दिए। देर रात कुछ लोगों ने एक मंदिर पर पथराव और मूर्तियों को खंडित करने के वीडियो भी सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिए। इसने भी समुदाय विशेष के लोगों को भड़का दिया।
बवाल के बाद कुछ लोग इस कदर भयभीत हो गए कि देर रात उन्होंने पुलिस नियंत्रण कक्ष को कॉल कर मदद की गुहार लगाई। पुलिस अधिकारियों की मानें तो रात ही रात में दिल्ली पुलिस के कंट्रोल रूम को 87 पीसीआर कॉल हौजकाजी इलाके से मिली। सभी में झगड़ा और बलवा होने की बात की गई थी। पीसीआर कॉल का सिलसिला सोमवार को भी चलता रहा, जो 177 तक पहुंच गया। अफवाहों भरे वीडियो और मैसेज सोशल मीडिया पर घूमते रहे। 
सोमवार को पुलिस ने इलाके में मार्च कर लोगों को शांति बनाए रखने के लिए भी कहा, लेकिन बैरीकेड के दूसरी ओर लोग लगातार नारेबाजी और हंगामा करते रहे। खुद जिला पुलिस उपायुक्त मंदीप सिंह रंधावा ने ट्वीट कर लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही अफवाहों पर दिल्ली पुलिस की पैनी नजर है। पुलिस ने लोगों से इस तरह की अफवाहों से बचने की अपील की है।
40 साल में पहली बार बिगड़े हालात
75 वर्षीय एक बुजुर्ग ने घटना पर अफसोस जताते हुए कहा कि पिछले 40 सालों में पहली बार इलाके के हालात इतने तनावपूर्ण हुए हैं। दोनों समुदाय के लोग इलाके में प्रेमभाव के साथ रहते हैं। कभी कभार कुछ छोटा-मोटा झगड़ा हो भी जाता तो दोनों समुदायों के बुजुर्ग आपस में बैठकर सुलझा लेते थे। बुजुर्ग ने बताया कि 1992 में हुए सांप्रदायिक दंगों के दौरान भी पुरानी दिल्ली इन झगड़ों से महफूज रही। लेकिन रविवार की घटना ने दुखी कर दिया है। बुजुर्ग ने दोनों समुदाय के लोगों से भाईचारा कायम रखने की बात कही है।
रह-रहकर होती रही नारेबाजी...
हौजकाजी इलाके में पूरे दिन धार्मिक नारेबाजी और बवाल होता रहा। पुलिस ने एहतियात के तौर पर करीब एक किलोमीटर के दायरे में बैरीकेडिंग कर पुलिस बल की तैनाती कर दी। लोग इन बैरीकेड के पीछे लगातार नारेबाजी और हंगामा करते रहे। दोपहर के समय स्थिति का जायजा लेने के लिए संयुक्त आयुक्त के अलावा विशेष आयुक्त (लॉ एंड ऑर्डर) भी मौके पर पहुंचे। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने दोनों समुदाय के लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का निर्देश दिए गए कि वह हर हाल में इलाके में शांति बनाए रखें।

दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि माहौल खराब करने और बवाल करने के मामले में दोनों ओर से क्रॉस केस दर्ज किया जाएगा। फिलहाल दिल्ली पुलिस की प्राथमिकता वहां पर शांति कायम करना है। पुलिस सोशल मीडिया पर फैले वीडियो, सीसीटीवी फुटेज, फोटो व अन्य सोर्स से आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है। पुलिस ने दोनों समुदायों के बुजुर्ग लोगों को बुलाकर शाम 7 बजे बैठक की, जिसमें दोनों समुदाय के लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की गई है।

तनाव के बीच बंद रहे आसपास के बाजार
हौजकाजी इलाके में बवाल के बाद सोमवार को कुछ लोगों ने अपनी-अपनी दुकानें खोल दीं, लेकिन इलाके में रह-रहकर नारेबाजी और भगदड़ के बीच उन्हें दुकानें बंद करनी पड़ीं। चावड़ी बाजार, अजमेरी गेट, हौजकाजी, लालकुंआ, नई सड़क, बल्लीमारान व आसपास के बाजारों में दुकानें बंद रहीं। ज्यादातर लोग अपने घरों में मौजूद रहे। हालांकि शरारती तत्व घटनास्थल पर पहुंचकर नारेबाजी और हंगामा करते रहे। 

एक समुदाय के युवक को भीड़ ने पीटा है। इसके बाद उस समुदाय के लोगों की भारी भीड़ थाने पहुंच गई। करीब 12.30 बजे भीड़ में शामिल कुछ शरारती तत्वों ने पास ही स्थित धार्मिक स्थल पर पथराव कर दिया और उसमें तोड़फोड़ भी की।
इसकी सूचना मिलते ही दूसरे समुदाय के लोग भी वहां आ गए और दोनों तरफ से पथराव होने लगा। इसके बाद पुलिस ने मामला शांत कर सभी लौटा दिया। सोमवार सुबह कुछ लोगों ने एक अन्य धार्मिक स्थल के बाहर नारेबाजी शुरू कर दी। इसके बाद फिर से इलाके में तनाव के हालात बन गए।

दिल्लीः पहले भीड़ हिंसा फिर मंदिर में पथराव की अफवाह फैलाई, 40 साल में पहली बार बिगड़े हालात

किस तरह एक छोटी सी अफवाह सोशल मीडिया के जरिए विकराल रूप लेकर समाज में तनाव, दंगे और डर का माहौल बना सकती है, यह दिल्ली के हौजकाजी में हुई घटना से आसानी से समझा जा सकता है। दिल्ली के हौजकाजी इलाके में स्कूटी पार्किंग के विवाद के बाद हुए बवाल में सोशल मीडिया पर फैले संदेशों और वीडियो ने आग में घी का काम किया। आगे पढ़ें क्या है पूरा मामला....
पहले वीडियो में दिखाया गया कि एक युवक को कुछ लोग शराब के नशे में पीट रहे हैं। इसे मॉब लिंचिंग का नाम देकर देखते ही देखते व्हाट्सऐप ग्रुप पर भेज दिया गया। फेसबुक पर भी लोगों ने मैसेज करने शुरू कर दिए। देर रात कुछ लोगों ने एक मंदिर पर पथराव और मूर्तियों को खंडित करने के वीडियो भी सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिए। इसने भी समुदाय विशेष के लोगों को भड़का दिया।
बवाल के बाद कुछ लोग इस कदर भयभीत हो गए कि देर रात उन्होंने पुलिस नियंत्रण कक्ष को कॉल कर मदद की गुहार लगाई। पुलिस अधिकारियों की मानें तो रात ही रात में दिल्ली पुलिस के कंट्रोल रूम को 87 पीसीआर कॉल हौजकाजी इलाके से मिली। सभी में झगड़ा और बलवा होने की बात की गई थी। पीसीआर कॉल का सिलसिला सोमवार को भी चलता रहा, जो 177 तक पहुंच गया। अफवाहों भरे वीडियो और मैसेज सोशल मीडिया पर घूमते रहे। 
सोमवार को पुलिस ने इलाके में मार्च कर लोगों को शांति बनाए रखने के लिए भी कहा, लेकिन बैरीकेड के दूसरी ओर लोग लगातार नारेबाजी और हंगामा करते रहे। खुद जिला पुलिस उपायुक्त मंदीप सिंह रंधावा ने ट्वीट कर लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही अफवाहों पर दिल्ली पुलिस की पैनी नजर है। पुलिस ने लोगों से इस तरह की अफवाहों से बचने की अपील की है।
40 साल में पहली बार बिगड़े हालात
75 वर्षीय एक बुजुर्ग ने घटना पर अफसोस जताते हुए कहा कि पिछले 40 सालों में पहली बार इलाके के हालात इतने तनावपूर्ण हुए हैं। दोनों समुदाय के लोग इलाके में प्रेमभाव के साथ रहते हैं। कभी कभार कुछ छोटा-मोटा झगड़ा हो भी जाता तो दोनों समुदायों के बुजुर्ग आपस में बैठकर सुलझा लेते थे। बुजुर्ग ने बताया कि 1992 में हुए सांप्रदायिक दंगों के दौरान भी पुरानी दिल्ली इन झगड़ों से महफूज रही। लेकिन रविवार की घटना ने दुखी कर दिया है। बुजुर्ग ने दोनों समुदाय के लोगों से भाईचारा कायम रखने की बात कही है।
रह-रहकर होती रही नारेबाजी...
हौजकाजी इलाके में पूरे दिन धार्मिक नारेबाजी और बवाल होता रहा। पुलिस ने एहतियात के तौर पर करीब एक किलोमीटर के दायरे में बैरीकेडिंग कर पुलिस बल की तैनाती कर दी। लोग इन बैरीकेड के पीछे लगातार नारेबाजी और हंगामा करते रहे। दोपहर के समय स्थिति का जायजा लेने के लिए संयुक्त आयुक्त के अलावा विशेष आयुक्त (लॉ एंड ऑर्डर) भी मौके पर पहुंचे। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने दोनों समुदाय के लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का निर्देश दिए गए कि वह हर हाल में इलाके में शांति बनाए रखें।

दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि माहौल खराब करने और बवाल करने के मामले में दोनों ओर से क्रॉस केस दर्ज किया जाएगा। फिलहाल दिल्ली पुलिस की प्राथमिकता वहां पर शांति कायम करना है। पुलिस सोशल मीडिया पर फैले वीडियो, सीसीटीवी फुटेज, फोटो व अन्य सोर्स से आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है। पुलिस ने दोनों समुदायों के बुजुर्ग लोगों को बुलाकर शाम 7 बजे बैठक की, जिसमें दोनों समुदाय के लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की गई है।

तनाव के बीच बंद रहे आसपास के बाजार
हौजकाजी इलाके में बवाल के बाद सोमवार को कुछ लोगों ने अपनी-अपनी दुकानें खोल दीं, लेकिन इलाके में रह-रहकर नारेबाजी और भगदड़ के बीच उन्हें दुकानें बंद करनी पड़ीं। चावड़ी बाजार, अजमेरी गेट, हौजकाजी, लालकुंआ, नई सड़क, बल्लीमारान व आसपास के बाजारों में दुकानें बंद रहीं। ज्यादातर लोग अपने घरों में मौजूद रहे। हालांकि शरारती तत्व घटनास्थल पर पहुंचकर नारेबाजी और हंगामा करते रहे। 

स्कूटी पार्क करने पर हुए विवाद के बाद भीड़ हिंसा की अफवाह से भड़के लोग
स्कूटी पार्किंग को लेकर हुए विवाद के बाद सोशल मीडिया पर फैली अफवाह से रविवार रात हौजकाजी इलाके में दो समुदायों के बीच जमकर बवाल हुआ। सैकड़ों लोगों की भीड़ ने हौजकाजी थाने का घेराव कर लिया। इस दौरान भीड़ में शामिल कुछ शरारती तत्वों ने पास ही स्थित एक धार्मिक स्थल पर पथराव कर दिया। इसके बाद दोनों समुदायों के लोग आमने-सामने आ गए

कुछ लोगों ने आधा दर्जन वाहनों में तोड़फोड़ कर दी। सोमवार को भी दोनों और नारेबाजी होती रही। कवरेज करने गए दो फोटोग्राफर के साथ मारपीट की गई और कैमरा तोड़ दिया। इलाके में तनाव को देखते हुए एहतियात के तौर पर अतिरिक्त सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है। 
पुलिस के मुताबिक वारदात पुरानी दिल्ली के लालकुंआ स्थित हमदर्द दवाखाने के पास गली चाबुक वाली में हुई। कारोबारी युवक आस मोहम्मद रात करीब 10 बजे अपनी स्कूटी संजीव गुप्ता की दुकान के सामने पार्क करने लगा। इसका विरोध करने पर दोनों के बीच कहासुनी हो गई और फिर दोनों ओर से तीन-चार युवक वहां पहुंच गए और उनमें मारपीट भी हो गई ।
सूचना पर पहुंची पुलिस संजीव व आस मोहम्मद को मेडिकल कराने के लिए थाने ले आई। इसी दौरान किसी ने किसी ने अफवाह फैला दी कि एक समुदाय के युवक को भीड़ ने पीटा है। इसके बाद उस समुदाय के लोगों की भारी भीड़ थाने पहुंच गई। करीब 12.30 बजे भीड़ में शामिल कुछ शरारती तत्वों ने पास ही स्थित धार्मिक स्थल पर पथराव कर दिया और उसमें तोड़फोड़ भी की।
इसकी सूचना मिलते ही दूसरे समुदाय के लोग भी वहां आ गए और दोनों तरफ से पथराव होने लगा। इसके बाद पुलिस ने मामला शांत कर सभी लौटा दिया। सोमवार सुबह कुछ लोगों ने एक अन्य धार्मिक स्थल के बाहर नारेबाजी शुरू कर दी। इसके बाद फिर से इलाके में तनाव के हालात बन गए।

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