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होटल में लगे सीसी कैमरे में तस्वीर कैद पुलिस ने उसे गिरफ्तार ...

अंजली हत्याकांड : प्रेमिका बना रही थी शादी के लिए दबाव, क्राइम पेट्रोल देख प्रेमी ने कर दिया कत्ल

वाराणसी के एक होटल के कमरे में युवती की हत्या के मामले में पुलिस को सफलता हाथ लगी है। अभी तक पुलिस प्रेमी को मृत युवती का तथाकथित भाई मान कर मामले की छानबीन कर रही थी। लेकिन जब आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आया तो मामला प्रेम प्रसंग का निकला। आरोपी प्रेमी ने पुलिस के सामने हत्या करने के तरीके और वजह के बारे में सारे राज खोल दिए।
वाराणसी के सिगरा थाना अंतर्गत परेड कोठी के होटल अर्जुन पैलेस के कमरा नंबर 303 में बीती 26 जून को देवरिया जिले के खुखुंदू थाना के बतरौली पांडेय की रहने वाली अंजली की हत्या कर दी गई थी। जांच में सामने आया कि 25 जून की शाम खुखुंदू थाना के भलुआ गांव के रहने वाले अमिष ने कमरा बुक कराया था और अंजली उससे मिलने आई थी। हत्या के बाद वह अंजली का पर्स और मोबाइल लेकर भाग गया था।
एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि अमिष को इंस्पेक्टर सिगरा सतीश कुमार सिंह ने टीम के साथ लहरतारा क्षेत्र से गिरफ्तार किया। पूछताछ में अमिष ने बताया कि उसका और अंजली का गांव नजदीक है। दोनों की जान-पहचान लगभग दो साल पहले हुई थी। बातचीत बढ़ी तो दोनों एक-दूसरे से प्यार करने लगे। अंजली उससे शादी करना चाहती थी, लेकिन वह ऐसा नहीं चाहता था। 
अंजली लगातार कॉल कर शादी करने के लिए दबाव बना रही थी। इससे परेशान होकर उसने अंजली को होटल में बुलाया। समझाया कि वह अभी शादी नहीं करना चाहता, लेकिन वह सुनने को तैयार नहीं थी तो कहासुनी शुरू हो गई। इसी दौरान उसने अंजली का गला दबा दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। सोमवार को अमिष अदालत में समर्पण करने जा रहा था, इससे पहले ही सिगरा पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। 
पूछताछ में अमिष ने बताया कि क्राइम पेट्रोल सीरियल देखकर उसने अंजली की हत्या का प्लान बनाया। उसे लगा कि होटल में अंजली की हत्या कर वह उसका सामान और मोबाइल लेकर भाग जाएगा तो उसे कोई पकड़ नहीं पाएगा। मगर इस बात पर ध्यान नहीं गया कि होटल में लगे सीसी कैमरे में उसकी तस्वीर कैद हो जाएगी और उसके ओरिजिनल आधार कार्ड की फोटोकॉपी भी जमा है। 
उधर पुलिस के अनुसार, अमिष को मोबाइल की अच्छी जानकारी है। उसे पता था कि वह एक स्थान पर रुकेगा तो सर्विलांस की मदद से पकड़ा जाएगा। इस वजह से सुबह, दोपहर और रात में वह अलग-अलग स्थानों पर छिप रहा था। पुलिस ने जब उसके परिजनों पर सख्ती की तो उसने अदालत में समर्पण का निर्णय लिया।

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