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भाजपा-एबीवीपी ने किया छपाक फिल्म के बायकाट की अपील ...

सबका अधिकार, प्रदर्शन को गलत नहीं मानतीं

जेएनयू के वामपंथी प्रदर्शनकारियों को बॉलीवुड अभिनेत्री स्वरा भास्कर के बाद दीपिका पादुकोण का भी समर्थन मिल गया है। मंगलवार देर शाम दीपिका पादुकोण जेएनयू कैंपस पहुंचीं और विरोध मार्च में शामिल हुईं। इस दौरान ‘आजादी-आजादी’ और ‘जय भीम’ के नारे भी गूंजे। अपनी टीम के साथ पहुंची दीपिका ने करीब एक घंटे तक प्रदर्शन में भाग लिया। उन्होंने इस दौरान छात्रसंघ अध्यक्ष आईशी समेत अन्य छात्रों से बात की। इससे पहले दीपिका ने कहा कि वे प्रदर्शन को गलत नहीं मानतीं। प्रदर्शन सबका अधिकार है और इससे अच्छी चीजें भी सामने आती हैं। दीपिका ने आईशी की सेहत की भी जानकारी ली और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की। 


कन्हैया ने फैज की कविता हम देखेंगे से की शुरुआत

उधर, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने फैज अहमद फैज की रचना ‘हम देखेंगे...’ से संबोधन की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि हम एबीवीपी के गुंडों से डरकर अपना हक और अधिकार मांगना नहीं छोड़ सकते। निहत्थे छात्र-छात्राओं पर सत्ता के नशे में कितने भी जुल्म हों, यह डरेंगे नहीं। बल्कि उनका इरादा मजबूत होगा। कन्हैया ने इस प्रदर्शन को गुंडागर्दी की धारा में संघर्ष हमारा नारा, इस बार नहीं हम छोड़ेंगे, इतिहास की धारा हम मोड़ेंगे, इतिहास नहीं छोड़ेंगे कविता से जोड़ा। इस दौरान आजादी-आजादी के नारे भी लगाए। 

छपाक फिल्म के बायकाट की अपील

दिल्ली भाजपा के प्रवक्ता तेजिंद्र बग्गा ने दीपिका के जेएनयू में जाकर प्रदर्शनकारियों को समर्थन देने पर नाराजगी जताई है। ट्विटर के माध्यम से उन्होंने आम लोगों से अपील की कि दीपिका की आने वाली फिल्म ‘छपाक’ का बायकाट करें। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी आजादी की मांग करते हैं। टुकड़े-टुकड़े गैंग और अफजल गैंग को समर्थन देना गलत है। इसकी तरह एबीवीपी ने भी दीपिका का विरोध किया है। उसका कहना है कि वामपंथी छात्र संगठन विश्वविद्यालय को बर्बाद कर रहे हैं और अभिनेत्री उनको समर्थन दे रही हैं।
वहीं इससे पहले दिल्ली पुलिस ने जेएनयू की छात्रसंघ अध्यक्ष आईशी घोष और 19 अन्य छात्रों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। यह एफआईआर चार जनवरी को इन छात्रों द्वारा सर्वर रूम में तोड़फोड़ करने और सिक्योरिटी गार्ड पर हमला करने के लिए दर्ज की गई है। इसकी शिकायत जेएनयू प्रशासन ने पांच जनवरी को पुलिस में की थी। 

क्या है पूरा मामला

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में हॉस्टल फीस बढ़ोतरी का विरोध कर रहे छात्रों ने शुक्रवार को विश्वविद्यालय का सर्वर बंद कर दिया था। सर्वर बंद होने से विश्वविद्यालय के कामकाज के साथ विंटर सेमेस्टर का रजिस्ट्रेशन भी रुक गया। उधर, विश्वविद्यालय प्रसासन ने कहा कि वह सर्वर बंद करने वाले छात्रों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगा।

जेएनयू प्रशासन के मुताबिक शुक्रवार को दोपहर करीब एक बजे छात्रों का एक गुट चेहरे पर कपड़ा और मास्क लगाकर सेंटर फॉर इन्फॉर्मेशन सिस्टम के कमरे में गया और पावर सप्लाई बंद कर दी। इसके साथ ही सर्वर भी बंद कर दिया। सर्वर बंद होने से रेजिस्ट्रेशन का काम रुक गया। विंटर सेमेस्टर के तहत सभी छात्रों को दोबारा रेजिस्ट्रेशन करना अनिवार्य है। इसके लिए पांच जनवरी तक आखिरी मौका है। रजिस्ट्रेशन न करने वाले छात्रों का दाखिला रद्द हो जाता है।

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