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मकान में लगी आग, मोहल्ले वालों ने दिखाई हिम्मत ...

दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू...

कानपुर में बर्रा-5 स्थित एक मकान में बुधवार दोपहर को मीटर में शार्ट सर्किट से आग लग गई। इसमें 60 वर्षीय दिव्यांग महिला, उनका बेटा और दो साल का पोता गंभीर रूप से झुलस गए। बहू ने छत से कूदकर किसी तरह जान बचाई। सूचना के काफी देर बाद भी दमकल नहीं पहुंची। मोहल्ले वालों ने मोटर चलाकर करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
ईडब्ल्यूएस कॉलोनी निवासी नरेंद्र खरे गोविंदनगर में गद्दे की दुकान में काम करते हैं। घर में बेटा रवि, पत्नी कामिनी, बहू स्वाति और दो साल का पोता स्वरित थे। बड़ा पोता धैर्य घर के बाहर खेल रहा था। तभी दोपहर करीब एक बजे गैलरी में लगे मीटर में शार्ट सर्किट से आग लग गई।
आग से कमरे का दरवाजा भी जलने लगा। इससे सभी लोग कमरे में ही कैद होकर रह गए। स्वाति किसी तरह आग के बीच से निकलकर छत पर पहुंची और वहां से छलांग लगा दी। इसके बाद मोहल्ले वालों ने मोटर चलाकर पानी डालना शुरू किया। करीब घंटे भर बाद आग थोड़ा हल्की हुई तो रवि, कामिनी और मासूम स्वरित को बाहर निकाला गया। तीनों बुरी तरह से झुलस चुके थे। इस बीच सूचना पाकर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। गंभीर हालत में रवि को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कामिनी और स्वरित का हैलट में इलाज चल रहा है।

दमकल नहीं पहुंची, मोहल्ले वालों ने दिखाई हिम्मत

नरेंद्र खरे के मकान में आग लगते ही मोहल्ले वालों ने फायरब्रिगेड को सूचना दी। लोगों का कहना है कि  काफी देर तक दमकल नहीं आई तो चीफ फायर अफसर एमपी सिंह के सीयूजी नंबर पर कॉल किया। उनका फोन रिसीव नहीं हुआ तो यूपी-112 नंबर डायल किया। पुलिस तो पहुंची लेकिन दमकल विभाग से कोई नहीं आया। इसके बाद मोहल्ले के लोगों ने ही हिम्मत दिखाई और खुद ही आग बुझाने में जुट गए।
कोई पाइप लेकर दौड़ता नजर आया तो कोई बाल्टी लेकर। मोहल्ले के लोगों ने न केवल आग पर काबू पाया बल्कि लपटों में घिरी तीन जिंदगियों को भी बचा लिया। हालांकि तीनों की हालत गंभीर है। सूचना के एक घंटे बाद दमकल की एक गाड़ी पहुंची तो संकरी गली की वजह से मेन रोड पर ही खड़ी रही। दमकल कर्मी जब तक पाइप निकालक आग बुझाने का प्रयास करते तब तक मोहल्ले के लोगों ने ही आग बुझा ली थी। लोगों ने दमकल कर्मियों को वापस जाने की नसीहत देकर नारेबाजी भी की।

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