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कब्रिस्तान की जमीन पर कब्जा करने पर माहिर हैं फतेहपुर जनपद ...

फतेहपुर

आखिरकार जिला अधिकारी कब्रिस्तान की जमीन को क्यों नहीं करा पा रहे हैं खाली मुख्यमंत्री के आदेशों का जनपद में नहीं किया जाता पालन कब्रिस्तान की जमीन पर कब्जा करने पर माहिर हैं फतेहपुर जनपद के भू माफिया पांच बार शिकायती पत्र देने के बाद भी नहीं मिल रहा पीड़ित को न्याय अवैध कब्जा करने वालों पर जिला अधिकारी का नहीं चल रहा चाबुक

नगर पालिका क्षेत्र के रहने वाले अब्दुल राशिद खान है कई बार जनपद के ईमानदार जिलाधिकारी अंजनेय कुमार सिंह को कई शिकायती पत्रों के माध्यम से अवगत कराया की मोहल्ला इमामगंज नगर पालिका परिषद पश्चिमी गेट के सामने वाली मस्जिद तक  की जमीन  में  कब्रिस्तान की जमीन है जिसकी गाटा संख्या 1058 है जिसकी वक्फ रजिस्टर्ड संख्या 141 है इस कब्रिस्तान के एक बहुत बड़े भाग पर कुछ भूमाफिया व नेता नगरी करने वाले लोगों ने कब्रिस्तान की जमीन के पड़े भाग पर अवैध तरीके से प्लाटिंग कर मकान तैयार कर रखे हैं इस बात की शिकायत पूर्व में रहे जिलाधिकारी व वर्तमान जिला अधिकारी से कई बार शिकायत की गई पर आखिर क्या कारण है कि जनपद के जिलाधिकारी अतिक्रमण हटाने पर तो जोर दे रहे हैं पर इस कब्रिस्तान की जमीन की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं क्या जिला अधिकारी उन्हें माफियाओं से कब्रिस्तान की जमीन खाली कराने में सक्षम नहीं है या फिर इसके पीछे किसी राजनीतिक दलों का हाथ है तभी तो राशिद अहमद के कई बार शिकायती पत्र देने के बावजूद भी इस पर कार्यवाही नहीं की जा रही है अब देखना यह है कि उस कब्रिस्तान में कोई नई कबर बनाने की भी जगह नहीं बची है क्योंकि देखा जाए तो कब्रिस्तान की जमीन कितनी बड़ी है कि उसमें अभी हजारों कबरे बन सकती हैं यदि कब्रिस्तान की जमीन से अवैध कब्जा हटाया जा सके तो आज भी उस में हजारों कबरे बनाई जा सकती है लेकिन जिला अधिकारी इस मामले को संज्ञान में ना लेते हुए आए दिन फरियादी शिकायती पत्र लेकर जाता है और आश्वासन देकर उसे वापस कर दिया जाता है देखा जाए तो उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी अभी हाल ही में अपना एक बड़ा बयान जारी करते हुए कहा था कि सरकारी हो या प्राइवेट जमीन पर अवैध कब्जा करने वालों की खैर नहीं अवैध कब्जा करने वालों के ऊपर कठोर कार्रवाई की जाएगी और जमीन पर अवैध कब्जे को कब्जा मुक्त कराया जाएगा और उनका यह बयान क्या हवा हवाई साबित हो रहा है क्योंकि जनपद के रहने वाले राशिद अहमद ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि हर महीने  समाधान दिवस और तहसील दिवस किया जाता है कि लोगों की समस्या का समाधान हो सके पर देखने को यह मिलता है कि शिकायतें तो 100 या 200 होती हैं पर निस्तारण  सिर्फ 2 या 4 का हो पाता है वह भी जोर जबरदस्ती देकर शासन और प्रशासन करवा देते हैं  क्या यह समाधान दिवस और तहसील दिवस  सिर्फ  शासन को दिखाने के लिए लगाया जाता है  जब फरियादी को न्याय ही नहीं मिलेगा तो इन  समाधान दिवस और तहसील दिवस  का क्या मतलब है  उन्होंने कहा कि वर्तमान जिला अधिकारी को 5 बार वह शिकायती पत्र दे चुके हैं और जिला अधिकारी की चौखट का दरवाजा कई बार खटखटा चुका है अब देखना यह है कि क्या मुख्यमंत्री का आदेश हवा हवाई है या जनपद के जिला अधिकारी इस जमीन को कब्जा मुक्त नहीं कराना चाहते राशिद अहमद ने यह भी कहा कि सरकारी अभिलेखों को मैं वह जमीन कब्रिस्तान के नाम पर ही दर्ज है चाहे तो उसकी निष्पक्ष जांच करा ली जाए और जांच कराने के बाद उस जमीन को खाली कराया जाए पर अभी तक ना तो उस जमीन पर कोई जांच के आदेश दिए गए हैं और ना जमीन खाली कराने का निर्देश बस राशिद अहमद को आश्वासन पर आश्वासन दिया जा रहा है वहीं राशिद अहमद ने बताया कि यदि उसके शिकायती पत्र पर कार्यवाही नहीं की जाती तो वह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री की चौखट का दरवाजा खटखटाएगा

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