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देखने को मिल सकता है बड़ा मुकाबला, चाचा-भतीजे की चुनावी जंग ...

उत्तर प्रदेश की फिरोजाबाद लोकसभा सीट पर इस बार मुलयम सिंह यादव परिवार के दो सदस्य इस बार आमने सामने हैं  सपा के मौजूदा सांसद अक्षय यादव को उनके ही चाचा शिवपाल यादव चुनावी अखाड़े में चुनौती दे रहे हैं. समाजवादी पार्टी से अलग होकर शिवपाल ने प्रगतिशील समाजवादी पार्टी बनाई है. इस पार्टी से शिवपाल फिरोजाबाद सीट से लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं।

फिरोजाबाद लोकसभा सीट पर समाजवादी पार्टी की दूसरी पीढ़ी के नेता अक्षय यादव सांसद हैं। वर्ष 2014 के चुनाव में उन्होंने यहां पर बड़े अंतर से जीत दर्ज की और पहली बार लोकसभा में पहुंचे। जाट और मुस्लिम वोटरों के वर्चस्व वाली इस सीट पर इस बार भी निगाहें टिकी हैं। समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के गठबंधन और शिवपाल यादव के सपा से अलग होने से इस सीट के लिए 2019 का लोकसभा चुनाव दिलचस्प हो गया है। अब देखना यह होगा कि पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ रहे चाचा शिवपाल यादव अपने खानदान के दूसरी पीढ़ी के नेता को कैसे टक्कर देते हैं।

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दरअसल, इस सीट पर कांग्रेस द्वारा समाजवादी पार्टी को वॉक ओवर देने के बाद शिवपाल के सामने चुनौती और भी बढ़ गई अब इस सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला है। एक तरफ सपा-बसपा गठबंधन तो दूसरी तरफ बीजेपी और शिवपाल भी मैदान में होंगे। वर्ष 2014 के मोदी लहर में भी अक्षय यादव ने यहां से बड़ी जीत हासिल की थी अक्षय यादव को कुल 5 लाख से ज्यादा यानी 48.4% वोट मिले थे। वहीं, भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार को 38 फीसदी वोट मिले थे। पिछले चुनाव में यहां 67 फीसदी मतदान हुआ था।

राजनीतिक अनुभव की बात करें तो बड़ा दिलचस्प  मुकाबला देखने को मिल सकता है। शिवपाल उत्तर प्रदेश में एक बड़ा चेहरा हैं। हालांकि, वह अभी तक विधानसभा चुनाव ही लड़ते रहे हैं। वह मुलायम सरकार और अखिलेश यादव सरकार में कैबिनेट मंत्री भी रहे जब यूपी विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी और यादव कुनबे में महाभारत छिड़ी तो शिवपाल यादव को प्रदेश अध्यक्ष भी बनाया गया हालांकि, बाद में पार्टी को अपने हाथ में लेने के बाद अखिलेश ने उन्हें हाशिए पर ढकेल दिया। पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ रहे शिवपाल यादव के सामने उनके ही परिवार के दूसरी पीढ़ी के अक्षय यादव हैं अब शिवपाल का अनुभव और युवा अक्षय में कौन किस पर भारी पड़ता है इसका फैसला 23 मई को होगा।

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